Kanwas News/सांगोद. राजस्थान पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायक संघ की ब्लॉक सांगोद इकाई की महत्वपूर्ण बैठक चेतन्य हनुमान मंदिर परिसर में संयोजक नरोत्तम नागर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में राज्य स्तरीय निर्देशानुसार 24 फरवरी को शहीद स्मारक, जयपुर में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई और पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में उपस्थित पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायकों ने सरकार की संविदा कर्मियों के प्रति कथित संवेदनहीनता पर गहरा रोष जताया। वक्ताओं ने कहा कि दो वर्ष बीत जाने के बावजूद शिक्षा विभाग के संविदा कर्मियों के लिए बनाए गए संविदा सेवा नियम-2022 की प्रभावी पालना और नियमितीकरण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
संघ पदाधिकारियों के अनुसार 18 से 35 वर्षों तक संविदा पर कार्यरत कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। संविदा सेवा नियम 2022 लागू हुए लगभग तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन नियमितीकरण को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। बजट सत्र और चुनावी घोषणाओं में किए गए वादों के अधूरे रहने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष साबिर मिर्जा, कोषाध्यक्ष हेमंत सेन, उपाध्यक्ष हरिबल्लभ मेहता, संगठन मंत्री रमेश कुमार मीणा, सचिव अक्षय कुमार शर्मा, सचिव पप्पू लाल राठौर, संगठन मंत्री रामावतार गौड़, वेदप्रकाश नागर, प्रमोद शर्मा, रोहित जैन, रामस्वरूप सुमन, शिवराज मीणा, उमेश गौतम, रामरतन मेघवाल, मुरारी लाल, हेमराज सुमन, हेमराज मेहरा, रामावतार मीणा, बनवारी मीणा सहित बड़ी संख्या में पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायक मौजूद रहे। संघ पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक संविदा कर्मियों से 24 फरवरी को जयपुर पहुंचकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है।
(न्यूज- कुलदीप नागर)











