परंपरा का आगाज: चौधरी जी महाराज की पूजा के साथ न्हाण लोकोत्सव 2026 का उल्लास शुरू

Kanwas News/सांगोद. न्हाण अखाड़ा चौधरी पाड़ा के पंच पटेलों द्वारा रविवार को परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ चौधरी जी महाराज की पूजा-अर्चना की गई। पांच दिवसीय न्हाण लोकोत्सव की शुरुआत से पहले हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धा और उत्साह के साथ यह आयोजन संपन्न हुआ। जुलूस की शुरुआत लुहारों के चौक स्थित ब्रहमाणी माता मंदिर से हुई। सुबह 11 बजे “बोल शंकरया रे” लोकगीत की स्वर लहरियों के साथ निकला यह जुलूस मुख्य बाजार, दाऊजी की गली, कुम्हार पाड़ा, कोटा रोड और नृसिंह जी बाइपास होते हुए चौधरी जी की बावड़ी पहुंचा। जुलूस में सबसे आगे किन्नर नाचते-कूदते अपनी भाव-भंगि माओं से लोगों का मन मोहते नजर आए। पूरे रास्ते श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। युवा वर्ग पटाखे चलाते हुए जुलूस की शोभा बढ़ा रहा था।

मान्यता है कि न्हाण लोकोत्सव की औपचारिक शुरुआत से पहले पंच पटेल अखाड़े के लोग अपने आराध्य देव चौधरी जी की पूजा-अर्चना करते हैं। नृसिंह जी बाइपास स्थित प्राचीन बावड़ी में बने छोटे मंदिर में वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है। बुजुर्गों के अनुसार, पहले चौधरी जी को मनाने की परंपरा के बाद ही न्हाण की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता है। दोपहर करीब 1 बजे चौधरी जी की बावड़ी पर पंडित मनीष शर्मा ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस दौरान “जय ब्रहमाणी माताजी” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। बावड़ी परिसर में अच्छी-खासी भीड़ और गहमा गहमी देखने को मिली।

(न्यूज- बीएम राठौर)

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Author: Kanwas News

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